(एकमात्र संकल्‍प ध्‍यान मे-मिथिला राज्‍य हो संविधान मे) अप्पन गाम घरक ढंग ,अप्पन रहन - सहन के संग,अप्पन गाम घर में अपनेक सब के स्वागत अछि!अपन गाम -अपन घर अप्पन ज्ञान आ अप्पन संस्कारक सँग किछु कहबाक एकटा छोटछिन प्रयास अछि! हरेक मिथिला वाशी ईहा कहैत अछि... छी मैथिल मिथिला करे शंतान, जत्य रही ओ छी मिथिले धाम, याद रखु बस अप्पन गाम ,अप्पन मान " जय मैथिल जय मिथिला धाम" "स्वर्ग सं सुन्दर अपन गाम" E-mail: madankumarthakur@gmail.com mo-9312460150

गुरुवार, 19 जून 2014

DAHEJ MUKT MITHILA - SMARIKA -2014

स्मारिका विमोचन समारोह संपन्न- 
   महादेव केर असीम अनुकम्पा सँ 'दहेज मुक्त मिथिला - स्मारिका २०१४केर विमोचन समारोह भव्यतापूर्वक सम्पन्न भेल। प्रमुख अतिथि मिथिला-मैथिली केर सर्वश्रेष्ठ पुरोधा सम्माननीय डा. बैद्यनाथ चौधरी बैजु द्वारा स्मारिकाकेर विमोचन कैल गेल। 
समय सँ शुरु भेल कार्यक्रम केर अध्यक्षता संस्थाक संरक्षक पं. धर्मानन्द झा द्वारा कैल गेल आ तहिना सौराठ सभागाछी मे संरक्षक डा. शेखर चन्द्र मिश्र द्वारा स्वागत संबोधन कैल गेल। संस्थाक राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री पंकज झा स्वयं मंच संचालन केलैन। संस्थाक महाराष्ट्र अध्यक्ष दहेज मुक्त मिथिला अभियान पर प्रकाश दैत भविष्य योजना केँ सभामे प्रस्तुत कयलनि। सुप्रसिद्ध गायक श्री पवन नारायण द्वारा गोसाउनि गीत सँ प्रारम्भ भेल सभा केर बीच-बीच मे मिथिला-महिमा-गान सहित किसलय कृष्ण द्वारा अस्मिता-बोध जागृति हेतु कविता पाठ कैल गेल। 
संस्थाक उद्देश्य प्रति पूर्ण समर्पण आ १०८ टा दहेज मुक्त विवाह करेबाक संकल्पित व्यक्तित्व पत्रकार श्री राजेश मिश्र द्वारा दहेज मुक्त मिथिला केर अभियान संचालन तथा ओहि सऽ प्रेरणा लेबाक बात सभा मे राखल गेल। संगहि ओ आह्वान करैत कहलनि जे कलमजीवी पत्रकार पर बड पैघ जिम्मा होइत छैकओ सब चाहता तऽ कूरीति जरुर भागत। बस हिम्मत करैत दहेजखोर सबहक विरोध करैत कानून-प्रशासन केँ संविधान अनुसार चलबाक लेल बाध्य केनाय छैक। 
समारोह मे विशेष उपस्थिति भारतीय काँग्रेस केर वरिष्ठ नेतृत्वकर्ता श्री ज्योति रमण झामधुबनी जिला परिषद् केर उपाध्यक्ष श्री भरत भूषणजिला पार्षद श्री सिंह जीसाहित्यकार श्री सदरे आलममैथिली दर्पण केर संपादक श्री कृष्ण कुमार झा 'अन्वेषक', मिथिला राज्य निर्माण सेनाक राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री श्याम सुन्दर झाकान्तिपुर दैनिक नेपाल केर विशेष संवाददाता तथा अतिथि श्री अवधेश झाउज्यालो दैनिक नेपाल केर विशेष सहयोगी संवाददाता व अतिथि श्री जितेन्द्र ठाकुरदहेज मुक्त मिथिला अभियान केर प्रथमहि दिन सँ सहयोग कयनिहार भास्कर झा (नेपाल)महाराष्ट्र दमुमिसँ आयल श्री सुभाष मिश्रश्री राजेश रायश्री सुबोध ठाकुरदिल्ली सँ कौशल कुमारसाहित्यकार कवि पंकज सत्यम्बिठौली सँ सुभाष रायजटाशंकर राययुवा मैथिल अभियानी अंकित राय सहित विभिन्न हस्ती लोकनि एहि समारोह मे भाग लेला। स्थानीय वक्ता-विद्वान केर सेहो सहभागिता नीक रहल। देल्ही सं  मदन कुमार ठाकुर  जी  सेहो बहुत शारारिक योगदान  देला , सुरुवात सं  जे  लागला फोटो खिचाय आ वीडियो  रिकॉर्ड  कराइ  में पूर्ण रूपे अपन  कर्तब्य निभेला | ,

  
  संपूर्ण कार्यक्रम मे एकमात्र निष्कर्ष 'सौराठ घोषणापत्रकेर निर्माण करय लेल सहायक भेल जे: 
    "
संपूर्ण मिथिला सँ एहि कूरीति केँ भगेबाक लेल जागृतिमूलक कार्य साविककाल सँ होइत रहल वैवाहिक सभास्थली पर एहि संस्था द्वारा क्रमश: आयोजन करैत गाम-गाम मे निगरानी समिति बनाओल जाय। दहेज मुक्त विवाह करनिहार केँ स्मारिका तथा विभिन्न मिडिया द्वारा यशगान करैत प्रोत्साहन कैल जाय। जेना सिया केर विवाह लेल शिवधनुष भंग करयवला दूलहा वरण करबाक कठोर संकल्प छलकिछु तहिना आजुक मैथिल ललना धिया सिया लेल सेहो 'बिन माँगरूपी दहेजक दूलहावरण करबाक संकल्प लेल जाय। शिक्षा व सुविधा बेटा तथा बेटी केँ एकसमान देल जाय। आपसी सहयोग बढबैत मिथिला समाज केँ परिष्कृत बनेबा मे दमुमि केर अभियान प्रति समर्पित सहयोग देल जाय।"
अध्यक्षीय भाषण मे पं. धर्मानन्द झा द्वारा अभियानक उत्कर्ष तथा एकर लाभ बारे निजी अनुभव केर बखानक संग सौराठ सभा स्थित माधवेश्वरनाथ महादेव मन्दिरक जीर्णोद्धार लेल सदिखन तैयार रहबाक बात कहल गेल। तदोपरान्त प्रवीण केर धिया-गान तथा पुन: पवन नारायण केर समदाउनि सँ कार्यक्रम केर समापन कैल गेल। 

        स्मारिकामे एहि बेर मूलत: आलेखमूलक संग्रहक संग ३ वर्ष यात्रा वृतान्त तथा भविष्य केर योजनाकेँ समेटल गेल अछि। बहुत कमहि समय मे प्रतिकूल परिस्थिति रहितो स्मारिका प्रकाशन केर कारण वैयाकरणिक अशुद्धि टाइपिंग-एरर सँ छूटि गेल अछि। बहुतो परिवारक विवरण अन्तिम समय मे समुचित फाइल मे प्राप्त नहि होयबाक कारणे एहि बेरुक स्मारिका मे स्थान देब छूटि गेलऐगला अंक मे वा एकर पुन:संस्करण मे सेहो समेटल जा सकैत अछि। मनवचन आ कर्म सँ एकता रखैत संकल्पित अभियानी बनि दहेज मुक्त मिथिला द्वारा आइ धरिक समस्त आयोजन कैल गेल अछि। समस्त सहयोगी प्रति आभार प्रकट करैत हम प्रधान संपादक प्रवीण सबकेँ फेर सँ धन्यवाद ज्ञापन करैत छी। आशा करैत छी जे भविष्य मे एहि तरहक ऐतिहासिक कार्य आरो भव्यता संग कैल जायत।
जय मैथिल जय मिथिला जय  जय दहेज़ मुक्त परिवार





























































































कैप्शन जोड़ें





बुधवार, 18 जून 2014

दिल्ली मे मैथिली पठन-पाठन केँ मान्यता

दिल्ली मे मैथिली पठन-पाठन केँ मान्यता
     शिक्षारूपी तपस्याक फल 'अनुशासन' होइत छैक। अनुशासनक सर्वोत्तम आ प्राकृतिक शिक्षा मातृभाषा मे सर्वोत्कृष्ट होइत छैक। भारतीय राष्ट्रीय शैक्षणिक तथा अनुसंधान परिषद् द्वारा जाहि शिक्षा पद्धति सँ विद्यालय मे पठन-पाठन कैल जाइछ ताहि मे सर्वप्रथम 'भाषा' ज्ञान अबैत छैक, क्रमश: गणित, विज्ञान, समाजिक शिक्षा, कला (ललितकला, संगीत, गायन, नृत्य, आदि) शिक्षा, स्वास्थ्य आ शारीरिक शिक्षा प्रारंभिक अवस्था केर विषय-वस्तु होइत छैक।
दिल्ली विद्यापति सेवा संघ केर प्रयास दिल्ली शिक्षा बोर्ड, दिल्ली विधानसभा, भारतीय राष्ट्रीय शैक्षणिक तथा अनुसंधान परिषद् सहित सम्बन्धित जनसमुदाय तथा जनप्रतिनिधि सबहक संग 'भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त नागरिक न्याय' पेबाक लेल आइ दिल्ली क्षेत्र मे रहि रहल लाखों मैथिल (मैथिलीभाषी) लेल विद्यालय मे मैथिली विषय पढेबाक माँग पूरा करौलनि। कोनो माँग केँ पूरा करबाक लेल बहुत रास आधार सेहो पूरा करय पडैत छैक। जेना, मैथिली मे पढाई केकरा लेल.... कतय... कतेक संख्या... संवैधानिक आधार कि.... भाषा-विज्ञान तथा शिक्षण-प्रशिक्षण विषय सामग्री बनेनिहार विज्ञ टोलीक निर्णय कि.... विभिन्न समय मे विधायिका केर एहि दिशा मे कि कहब भेल, कि कहियो न्यायपालिका द्वारा कोनो रूलिंग देल गेल, इत्यादि। हम जानबाक प्रयास केलहुँ जे उपरोक्त संस्थान अखिल भारतीय मिथिला राज्य संयुक्त संघर्ष समिति केर सुनिश्चित अगुवाई, मार्गदर्शन आ सहयोग सँ कोना-कोना एतेक पैघ माँग केँ पूरा करौलनि, एहि संवादक संग किछु रास फोटो-कपी दऽ रहल छी जाहि सँ पाठककेँ सेहो हमरहि दृष्टि सँ समस्त आधार आ विज्ञ जानकारी ग्रहण करबाक पूरा अवसर भेटय।
संछिप्त मे, भारतीय गणराज्य जतय संविधान केर शासन अछि, ओ एहि लेल सर्वथा न्याय दैत अछि अनुच्छेद ३५०ए मे, सबकेँ मातृभाषा मे शिक्षा पेबाक अधिकार अछि। यैह आधार पर बिहार जतय मूल मिथिला अछि ताहि मे मैथिली माध्यम सँ मैथिलीभाषीकेँ पठन-पाठन लेल इन्तजाम करबाक कानूनी संघर्ष डा. जयकान्त मिश्र द्वारा उच्च आ सर्वोच्च न्यायालय सब ठाम जीतल गेल, तथापि बिहार सरकार आइ धरि कोनो खास व्यवस्थापन नहि मिला सकल अछि, बस कय रहल छी आ करबाक अछि कहैत मात्र अन्ठबैत जा रहल अछि। तहिना भिन्न-भिन्न समय मे भाषा-विज्ञान तथा विषय-वस्तु निर्माण समिति द्वारा सेहो मातृभाषा केर शिक्षा माध्यम सर्वोत्तम रहल कहल गेल अछि। भारतक अन्य-अन्य राज्य मे सेहो जे कियो मातृभाषी अपन मातृभाषाक माध्यम सँ अपन धिया-पुता केँ शिक्षा लेल विद्यालय केर व्यवस्था करौने छथि वा विद्यार्थीक संख्या अनुरूप शिक्षक केर इन्तजाम करौने छथि। एहि मामिला मे मैथिल भारतीय संविधानक मान्यता प्राप्त भाषा रहितो अपन स्वयंकेर पछता बुद्धि केर कारण पछुआयल छथि। हालहि २००३ मे संविधानक आठम अनुसूची मे एकरा सम्मानित केलाक बाद चारूकात सुरफुरी जरुर छैक मुदा जे गुदगुदी हेबाक चाही से जेना अधमरू बनि गेल छैक।
मैथिली मे पठन-पाठन हेतु पाठ्य-सामग्रीक विकास दोसर चुनौतीपूर्ण कार्य छैक। जँ हिन्दी पुस्तक केँ अनुवाद करैत मैथिली पढेबैक तऽ भाषाक ज्ञान हेतैक, मुदा मिथिला आ मैथिल अस्मिताक जानकारी केर सर्वथा अभावे रहि जेतैक जाहि सँ अपन आत्मसम्मान बढेबाक मातृभाषाक योगदान वला नीति विफल रहि जेतैक। अत: जरुरत एहि बातक छैक जे मिथिला राज्य निर्माण सेनाक प्रतिनिधि अनुप चौधरी तथा मनोज झा द्वारा पटना मे अनशन केलाक उपरान्त राज्य शिक्षा निदेशालय जाहि बातक समझौता केलकैक तेकर पाछू संघर्ष बढबैत पटना मे सेहो मैथिली केँ स्थापित करैत पाठ्य-सामग्री विकास कैल जाय। दिल्ली मे एहि माँग केँ पूरा होइते बनारस, नागपुर, मुंबई, चेन्नइ, पंजाब, राजस्थान, कलकत्ता, आसाम सहित समस्त देश मे मैथिली केँ स्थापित कैल जा सकतैक। तहिना केन्द्रिय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा सेहो मैथिली विषय केँ मान्यता देबाक कार्य शीघ्र हेतैक। ई मानल बात छैक, जखनहि अपन भाषा, अपन भेष, अपन मूल्य, अपन सिद्धान्त सँ लोक परिचित होइत अछि तखनहि ओकर आत्मसम्मान सेहो अभिवृद्धि पबैत छैक।
दिल्ली विद्यापति सेवा संघ केँ एतेक पैघ सफलता लेल धन्यवाद देनाय प्रत्येक मैथिलक फर्ज बुझा रहल अछि। अखिल भारतीय मिथिला राज्य संघर्ष समिति आ दिल्ली भरि मे पंजीकृत सैकडों संघ-संस्था संग सहकार्य करैत आगामी सर्वे मे प्रत्येक मैथिलीभाषी परिवार द्वारा अपन बाल-बालिका केँ मैथिली विषय पढेबाक लेल अनुरोध पत्र उत्तरी दिल्ली नगर निगम केर हरेक विद्यालय मे जमा हेबाक चाही। एहि सँ लाखों लोक हेतु रोजगार सेहो बढतैक। लेखक, विचारक, टंकक, मुद्रक, छापा, शिक्षक, आदि केर बड पैघ वैकेन्सी (रोजगार सूचना) निकलतैक। मैथिली रजनी-सजनी केर भाषा सँ रोजी-रोटीक भाषा बनतैक, ई मिथिलावासी लेल बड पैघ कल्याणक विषय होयत।
जय मैथिली! जय मिथिला!!

शुक्रवार, 23 मई 2014

माधवेश्वरनाथ महादेव


             सौराठ सभागाछी स्थित ई विलक्षण मन्दिर नहियो किछु तऽ ५०० वर्ष प्राचिन होयत। मिथिलाक एक राजा 'माधवेश्वर सिंह' केर नाम पर राखल गेल एहि मन्दिरक नाम 'माधवेश्वरनाथ महादेव' अछि। दहेज मुक्त मिथिला व ऐतिहासिक सौराठ सभा विकास समिति केर संयुक्त तत्त्वावधान मे ८ जनवरी, २०१२ एक बैसारक मार्फत एहि प्राचिनतम मिथिला धरोहर केर जीर्णोद्धार लेल निर्णय लेल गेल छल। एहि कार्यक वास्ते मधुबनी जिलास्तरीय एक कार्यसमिति सेहो बनेबाक भार आदरणीय शेखर चन्द्र मिश्र व हुनक वकील मित्र (मधुबनी कचहरी वकील संघ केर सचिव - नाम विस्मृति भऽ रहल अछि) पर देल गेल छल। ओहि बैसार मे प्रवीण नारायण चौधरी (नेपाल ) आ करुणा झा (दहेज़ मुक्त मिथिला अध्यक्षा नेपाल ) जी सेहो भाग लेने रहैती । बैसारक पूर्ण विवरण आ निर्णय एहि सँ पूर्व सेहो देल गेल अछि जे आइयो दहेज मुक्त मिथिलाक पुरान पोस्ट मे मौजूद अछि। माननीय विधायक फय्याज भाइ (बिस्फी विधानसभा), मधुबनी ड्योढिक बाबु कुलधारी सिंह, रहिका सँ बाबा निलाम्बर मिश्र, सौराठ सँ प्रो. सर्वेश्वर मिश्र सहित अनेको गणमान्य बुद्धिजीवी, ज्येष्ठ नागरिक, समाजसेवी आदि केर बीच भेल समस्त निर्णय छल जे हम सब स्वयंसेवा सँ एहि मन्दिरक जीर्णोद्धार करब। ताहि समय श्री निलाम्बर मिश्र तात्कालीन विधान परिषद् सभापति  
ताराकान्त बाबु केर स्थानीय प्रतिनिधिक रूप मे तारा बाबु संग लगे हाथ बात करैत ओहि मिटींग सँ दुइ महत्त्वपूर्ण निर्णय करौने छलाह। एक, सौराठ मे 'मिथिला चित्रकला शिक्षण संस्थान' खुलेबाक आर माधवेश्वरनाथ महादेव मन्दिर केर जीर्णोद्धार लेल कला-तथा-संस्कृति मंत्रालय, बिहार सँ कार्य करेबाक पुष्टि, दुनू कार्य लेल बिहार सरकारक टोली सेहो आबि आवश्यक छानबीन करैत वचन दय चलि गेल। संस्थान आ मन्दिर दुनू कार्य हाल धरि बिहार सरकार पूरा नहि कय सकल अछि। आ एहि चक्कर मे हमरा लोकनि स्वयंसेवा सँ सेहो किछु नहि कय सकलहुँ अछि। आब ७ जुन सौराठ सभागाछी मे दहेज मुक्त मिथिलाक स्मारिका विमोचन कार्यक्रम मे पुन: एहि समस्त विषय पर वार्ता करैत आगामी योजना बनायब।

मंगलवार, 29 अप्रैल 2014

केना बनतैक दहेज मुक्त मिथिला

केना बनतैक दहेज मुक्त मिथिला
१ .  अहाँ दहेज मुक्त छी। छी वा नहि?
यदि संकल्प लेने छि जे 'माँगरूपी दहेज न लेब, न देब। धियापुताक विवाह मे सेहो माँगरूपी दहेज न लेब, न देब। माँगरूपी दहेज लेन-देन करनिहारक विवाह मे सहभागी सेहो नहि बनब' - तऽ अहाँ भेलहुँ दहेज मुक्त मिथिलाक योग्य सदस्य।

२.    आब अहाँ अपन परिचित परिजनमे सेहो एहने कम सऽ कम १० परिवार केर पहिचान करू आ हुनका सँ बात करू।

३. हुनकर पूर्ण विवरण दहेज मुक्त मिथिलाक निम्न फारम भरिकय स्मारिका मे डायरेक्ट्री प्रकाशन लेल पठाउ। २५-३० अप्रील अन्तिम तिथि, dmmithila@yahoo.com पर। विशेष किछु बुझबाक हो तँ बात करू: पंकज झा, मुंबई - ९३२०१४०५१६४/९८२१४०५१६४.

४. एहि तरहें पहिल वर्ष मात्र १५०० परिवारक विवरण दहेज मुक्त विवाह लेल अवसर बनबैत कुल १० हजार परिवार मे स्मारिका पहुँचायत।

५. पहिल वर्ष एहि १५०० दहेज मुक्त परिवार संग बिना दहेजक स्वच्छ सम्बन्ध बननाय शुरु होयत तऽ जरुर ऐगला वर्ष कुल १५००० परिवार एहि मे जुडि जेता आ कम सऽ कम १ लाख प्रति स्मारिका छपाबय के हिम्मत हमरा लोकनि करब।

 ( मिथिला में दहेज़ रूपी कुप्रथा के समाप्ति हेतु दहेज़ मुक्त मिथिला एकटा स्मारिका के विमोचन ७ जून २०१४ क करवाक योजना बनने ऐछ, कम स कम १५०० मैथिल परिवार के विवरण जे दहेज़ कय विरोधी छैथ इ स्मारिका में समेटवाक प्रयाश. जाइ वर-कन्याक जानकारी आपस में भेट सके. अपने अगर इ अभियान में शामिल होबै चाहैत छी त स्वेंग व् अपन अरोश परोष के मैथिल में विवरण निम्नलिखित फॉर्म के भैर द सकैत छी. प्रत्येक फ्रॉम के संग १५१ टाका उपरोक्त बैंक :- panjab national bank, kalbadevi branch a/c no. 0063000100244217 ,  IFSC code. PUNB0006300 में जमा कय. फॉर्म dmmithila@yahoo.com पर पठा दी आ सूचित करी ९८२१४०५१६४ पर. 



क्रमश: दहेज मुक्त मिथिला केर निर्माण होयत। शुभकामना आ सहयोग लेल अपील!

गुरुवार, 6 मार्च 2014

आउ मनाबी महिला -दिवस !

आउ मनाबी महिला -दिवस !

     आन बेरक जकां फेर महिला दिवस आबि गेल ! आब ई त बुझले अछि जे ,लोग -बाग ,महिला सब के बधाई दई जेथिन  कोनों संस्था क तरफ सं विशिष्ट महिलागन के पुरस्कार ,गुलदस्ता क आदान-प्रदान  कयल जेतैक .बस ! समाज अपन कर्तव्यक इतिश्री मानि जाईत  अछि .


        दरअसल महिला दिवस कोनों एक दिन अथवा ,एक वर्ष मनाबय वला पर्व नही अछि ,ई त सतत चलय वला एकटा विचार -व्यवहार हेबाक चाही .हम सब एक दिनक लेल महिला दिवस मना त लईत छी ,मुदा दोसरे दिन सं बल्कि ओहो दिन ओहिना महिला सब  प्रताड़ित  होई छथि ,दहेज हत्या ,बलात्कार ,वैश्यावृति,में कोनों कमी नहि देखल गेल अछि .बल्कि दिनों दिन महिलाक प्रति अपराध ब्ध्ले जा रहल अछि ..तखन उपाय कोन?
                    
     अपन देशक कानून महिला सब के बराबरि क  अधिकार द चुकल छैक मुदा ओहि कानून के व्यवहार में लाबयक  प्रयास  केनाई त हमरे सभक कर्तव्य थिक .समाज में एखनो महिला के दोयम दर्जा देल जाईत अछि .बेटी के नेनपने सं सिखैल जाईत अछि  जे ओ पुरुख सं हीन छैक . बुच्ची दाई पढाई में कतबो कुशाग्र किये न् होथि  !अंग्रेजी  स्कूल में बुचने के नाम लिखाओल जाईत छैक .संगहि ट्यूशन सेहो! .घर में जों माछ रान्हल गेल त माछक मूडा हुनके परसाई छनि , बेचारी बुच्ची दाई  के पूछीये सं संतोष करय पड़ईत छनि  ..

   ई शोधक विषय हेबाक चाही जे  पईघ भेला पर वैह बुच्ची दाई ,अप्पन बेटी संगे ओहने व्यवहार कियैक करैत छथि

       एखनो युवा लड़की के सबसं अधिक संघर्ष अपने घर सं करय पडैत छैक .माय ,पितियाईन  दादी ,सब ओक्कर पहिरब ओढब ,बात -विचार ,कत्तौ गेनाई-एनाई ,सब पर आपत्ति करैत छथिन. कियैक ने हम महिला सब अप्पन बेटी सब के एहन माहौल दी ,जाहि में ओ अप्पन व्यक्तित्व के सर्वांगीन विकास क सकय,अप्पन भविष्यक सपना साकार करय .सही मायने में महिला दिवस तखने सार्थक होयत .
                                             
 नीता झा   भागलपुर
        08051824576

शनिवार, 1 मार्च 2014

दहेज मुक्त मिथिलाक ३ वर्ष पूरा


    मिथिलावासी द्वारा छिटफुट सही, मुदा कतेको रास प्रयास अपन गति ओ रंगमे संचालित कैल जा रहल अछि। ताहिमे सँ एक अछि - फेसबुकिया युवा-युवती सब द्वारा संचालित 'दहेज मुक्त मिथिला' जे आब अपन तेसर वर्ष सेहो ३ मार्च, २०१४ केँ पूरा करय लेल जा रहल अछि।

एहि अवसरपर दहेज मुक्त मिथिलाक तरफ सँ १०० पेजक एक स्मारिका छपेबाक विचार भेल अछि। एहि स्मारिकामे दहेज मुक्त मिथिलाक स्थापना सँ लैत आइ धरिक यात्रा पर समीक्षा, अहाँक विचार, वर्तमान मिथिला समाजमे वैवाहिक व्यवहारमे आडंबर व अन्य कूरीति पर अहाँक लिखल आलेख, दहेज मुक्त मिथिलाक स्वतंत्र शाखा स्थापना लेल प्रस्तावना, जनजागृति लेल विगत मे कैल गेल कार्यक्रम व ओकर प्रभाव आदि जेहेन जिनका सँ संभव हो से १५ मार्च धरि निम्न स्थान पर पोस्ट करैत या इमेल द्वारा पठाबी।
१. दहेज मुक्त मिथिला केर फेसबुक ग्रुपपर

:https://www.facebook.com/groups/dahejmuktmithila/

www.dahejmuktmithila.org 

विज्ञापन व अन्य सहयोग देबाक लेल सम्पर्क करी:
१. पंकज झा, राष्ट्रीय अध्यक्ष       -  09320405164/ 9821405164 
२. संजय मिश्रा, महाराष्ट्र अध्यक्ष - 09820896477
३. मदन ठाकुर, दिल्ली अध्यक्ष   - 09312460150 
४. संतोष चौधरी, राष्ट्रीय सचिव - 9910607720
५. प्रवीण चौधरी, अन्तर्राष्ट्रीय संयोजक -  00977- 9852022981




कृपया अपन सदस्यता ग्रहण करी, लेकिन याद राखी, सदस्यता केवल ओहि व्यक्ति, परिवार वा संस्थान लेल जे निम्न शपथ लेने होइ:

'हम न माँगरूपी दहेज लेब न दहेज देब'
'हम न अपन धिया-पुताक विवाहमे माँगरूपी दहेज लेब वा देब'
'हम माँगरूपी दहेजक लेन-देनवला विवाहमे सहभागी सेहो नहि बनब'

उपरोक्त बात तऽ भेल दहेज प्रतिकार सम्बन्धी आ स्वच्छ सुन्दर मिथिला समाज निर्माण लेल। एकर अतिरिक्त एहि संस्थाक प्रमुख उद्देश्य अछि मिथिलाक ऐतिहासिक, पारंपरिक, सांस्कृतिक, भाषिक व अन्य कोनो भी तरहक 'धरोहर'केर संरक्षण। जँ अहाँ एकर सदस्य छी, अपन गाम वा आसपास कोनो धरोहरक संरक्षण लेल उत्सुक छी, तँ समस्त भारत व विश्वमे रहनिहार दमुमि सदस्य मैथिलक सामूहिक लगानीसँ - स्वयंसेवाक तर्जपर वगैर कोनो याचना वा भीखक कोषसँ यथासंभव धरोहरकेर संरक्षण करू। 
एहि संस्थासँ जुडबाक लेल व अपन योगदान पठेबाक लेल खाता विवरण निम्न अछि, संगहि कोनो भी योगदानक रसीद व प्रमाणपत्र लेब नहि बिसरब, एहि सँ अहाँकेँ बाकायदा आयकर छूट सेहो भेटबाक संभावना अछि आ अहाँक एक-एक छदामक हिसाब दूधक दूध आ पानिक-पानि समान सीधा एक माँग पर भेटबाक वचनबद्धता अछि। 

ACCOUNT NAME: DAHEJ MUKTA MITHILA 
BANK NAME  : PUNJAB NATIONAL BANK 
ACCOUNT NO. 0063000100244217 
IFSC CODE: PUNB0006300 
BRANCH : KALBADEVI, MUMBAI

खातावालाक नाम: दहेज मुक्त मिथिला
बैंक: पंजाब नेशनल बैंक, कलबादेवी शाखा, मुंबई, महाराष्ट्र
खाता संख्या: ००६३०००१००२४४२१७
आइएफएससी कोड: PUNB0006300