(एकमात्र संकल्‍प ध्‍यान मे-मिथिला राज्‍य हो संविधान मे) अप्पन गाम घरक ढंग ,अप्पन रहन - सहन के संग,अप्पन गाम घर में अपनेक सब के स्वागत अछि!अपन गाम -अपन घर अप्पन ज्ञान आ अप्पन संस्कारक सँग किछु कहबाक एकटा छोटछिन प्रयास अछि! हरेक मिथिला वाशी ईहा कहैत अछि... छी मैथिल मिथिला करे शंतान, जत्य रही ओ छी मिथिले धाम, याद रखु बस अप्पन गाम ,अप्पन मान " जय मैथिल जय मिथिला धाम" "स्वर्ग सं सुन्दर अपन गाम" E-mail: madankumarthakur@gmail.com mo-9312460150

शनिवार, 12 जून 2010

कोई दोस्त ऐसा बनाया जाये,

कोई दोस्त ऐसा बनाया जाये,
जिसके आसुओं को पलकों में छुपाया जाए,
रहे उसका मेरा रिश्ता कुछ ऐसा,
की अगर वो रहे उदास
तो हमसे भी न
मुस्कुराया जाए ,
आपाने अपनी आँखों में नूर छुपा रखा है,
होश वालो को दीवाना बना रखा है,
नाज़ कैसे न करू आपकी दोस्ती पर,
मुज जैसे नाचीज को खास बना रखा है...
फूल सुख जाते है एक वक्त के बाद,
लोग बदल जाते है एक वक़्त के बाद,
अपनी दोस्ती भी टूटेगी एक वक़्त के बाद,
लेकिन वोह वक़्त आयेगा मेरी मौत के बाद...
हम दोस्ती में हद ए गुज़र जायेंगे ,
यह जिंदगी आपके नाम कर जायेंगे,
आप रोया करेंगे हमे याद करके,
आपके दामन में इतना प्यार छोड़ जायेंगे


SHAILESH NAILWAL
9990113919

3 टिप्‍पणियां:

  1. Wow....sailaish jee....Hilla delo yo aha ta....bahut badhiya jee.....!!

    Kash....ehen feeling harek dost ke apna dost ke liye agar hoyat....ta jindigi jeena kafi saral bha jayat...!!

    plz check my blog too and do write ur comments...and tell others...if u like my post..thanks

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  2. हम दोस्ती में हद ए गुज़र जायेंगे ,
    यह जिंदगी आपके नाम कर जायेंगे,
    आप रोया करेंगे हमे याद करके,
    आपके दामन में इतना प्यार छोड़ जायेंगे

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