(एकमात्र संकल्‍प ध्‍यान मे-मिथिला राज्‍य हो संविधान मे) अप्पन गाम घरक ढंग ,अप्पन रहन - सहन के संग,अप्पन गाम घर में अपनेक सब के स्वागत अछि!अपन गाम -अपन घर अप्पन ज्ञान आ अप्पन संस्कारक सँग किछु कहबाक एकटा छोटछिन प्रयास अछि! हरेक मिथिला वाशी ईहा कहैत अछि... छी मैथिल मिथिला करे शंतान, जत्य रही ओ छी मिथिले धाम, याद रखु बस अप्पन गाम ,अप्पन मान " जय मैथिल जय मिथिला धाम" "स्वर्ग सं सुन्दर अपन गाम" E-mail: madankumarthakur@gmail.com mo-9312460150

सोमवार, 21 जून 2010

बेबफा प्यार


बेबफा प्यार
लेखक - मुकेश मिश्रा

मैंने प्यार किया तुझसे , दिल की गहरायी से
वो हरजाई ऐसी निकली, मार डाला तनहायी से
माय भूल से कर बैठा प्यार
समझ नही आया उस नागिन का प्यार
जिन्दगी रह गयी मझदार में
दिल के टुकरे हुये हजार
जब आखे खुला उनकी इंतजार में देखा ...
वह मग्न है दुसरो के प्यार में
भूल गया था मै की वह दौलतमंद की बेटी है
मै मरता रहा और वो महलो में लेटी रही
इसीलिए कहता हु यारो ........
मत करना प्यार दौलतमंद की बेटी से
मार डालेगी अँखीयो की गोली से
गीतकार - मुकेश मिश्रा
9990379449

6 टिप्‍पणियां:

  1. मैंने प्यार किया तुझसे , दिल की गहरायी से
    वो हरजाई ऐसी निकली, मार डाला तनहायी से
    kya dard hai --

    उत्तर देंहटाएं
  2. जब आखे खुला उनकी इंतजार में देखा ...
    वह मग्न है दुसरो के प्यार में
    ee bat bilkul thik achhi --

    उत्तर देंहटाएं
  3. bahut hi na acchi kavita hai, lagata hai kisi maikhane mein baith kar likha hai

    उत्तर देंहटाएं
  4. i love you mukesh mishra
    dil krta hai aapke pas aa
    kr chum lu,
    sapna

    उत्तर देंहटाएं
  5. अहिना लिखू
    आदेश

    उत्तर देंहटाएं
  6. नजर नजर से मिलाना सीखलो।
    दिल से धडकनो का मिलाना सीखलो॥
    प्यार कि अन्तिम सीडी हँ, जुदाई ।
    इसे मूस्करा कर विताना सीख लो॥

    उत्तर देंहटाएं