(एकमात्र संकल्‍प ध्‍यान मे-मिथिला राज्‍य हो संविधान मे) अप्पन गाम घरक ढंग ,अप्पन रहन - सहन के संग,अप्पन गाम घर में अपनेक सब के स्वागत अछि!अपन गाम -अपन घर अप्पन ज्ञान आ अप्पन संस्कारक सँग किछु कहबाक एकटा छोटछिन प्रयास अछि! हरेक मिथिला वाशी ईहा कहैत अछि... छी मैथिल मिथिला करे शंतान, जत्य रही ओ छी मिथिले धाम, याद रखु बस अप्पन गाम ,अप्पन मान " जय मैथिल जय मिथिला धाम" "स्वर्ग सं सुन्दर अपन गाम" E-mail: madankumarthakur@gmail.com mo-9312460150

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सोमवार, 13 अप्रैल 2015

अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली कवि सम्मेलन-२०१५ भव्यतापूर्वक संपन्न

अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली कवि सम्मेलन-२०१५ भव्यतापूर्वक संपन्न

   मैथिली जिन्दाबाद!
  अप्रैल १२, २०१५. -
विराटनगर मे आयोजित एक दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय कवि सम्मेलन - २०१५ समारोहपूर्वक संपन्न कैल गेल। एहि सम्मेलन मे मैथिली भाषा ओ मिथिला संस्कृतिक कवि एवं अभियानी लोकनीक ४ पीढीक प्रत्यक्ष सहभागिता देखल गेल। खुल्ला आमंत्रण मे आयोजित एहि कार्यक्रम मे भारत ओ नेपाल सँ करीब १३० मैथिली कवि तथा ५० केर आसपास अभियानी लोकनिक उपस्थिति छल। नेपालक काठमांडु, रौतहट, जनकपुर, लहान, राजविराज, विराटनगर आदि सँ अनेको कवि लोकनिक सहभागिता रहल, तहिना भारतक सहरसा, दरभंगा, मधुबनी, राँची, पुर्णिया, दिल्ली, कानपुर, कोलकाता, अररिया सँ सहभागी भेला। कार्यक्रमक सीधा प्रसारण लाइव स्ट्रीमिंग द्वारा यूट्युब, स्काइप, जूम तथा मैथिली जिन्दाबाद केर वेब पेज सँ कैल गेल छल। अन्य देश यथा सउदी अरब, कतार आ भारतक विभिन्न भाग सँ स्रष्टा लोकनिक अनलाइन प्रस्तुति सेहो कैल गेल छल। एहि कार्यक्रमक देखबाक ओ सुनबाक आनन्द इन्टरनेट द्वारा प्राप्त केलनि।
     ज्ञात हो जे मैथिली भाषा मे स्रष्टा केवल आरक्षित जाति या वर्ग धरि नहि अछि आ अपन मातृभाषा सँ प्रेम हरेक मैथिलीभाषी मे बरोबरि अछि - एहि बात लेल ई समारोह - अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन 'स्वत: प्रमाणम् परत: प्रमाणम्' बनि संसारक समक्ष एकटा अनुपम उदाहरण प्रस्तुत केलक। केकरो मातृभाषा पर कदापि कोनो एक जाति भले ओ कतबो उच्च-बौद्धिक स्तरक कियैक नहि मानल जाय तेकर निजी वा आरक्षित भाषा नहि बनि सकैत अछि ई बात काल्हिक मैथिलीभाषी स्रष्टाक सर्वजातीय महाकुम्भ द्वारा पुन: स्थापित भेल।
    प्राज्ञ रमेश रंजन, प्रज्ञा परिषद् सदस्य, नेपाल संगीत तथा नाट्य प्रज्ञा प्रतिष्ठान, काठमांडु तथा सुप्रसिद्ध मैथिली गीतकार सियाराम झा सरस केर संयुक्त प्रमुख आतिथ्य तथा मैथिली सेवा समितिक अध्यक्षा डा. एस. एन. झा केर अध्यक्षता मे संपन्न एहि समारोहक प्रथम सत्र मे 'मैथिलीक वर्तमान अवस्था - राज्यक योगदान आ उपेक्षा' विषय पर केन्द्रित रहल। एहि सत्र मे लगभग ६५ वक्ता द्वारा विचार प्रस्तुति करैत ई स्पष्ट कैल गेल जे राज्य पर निर्भरता मैथिली भाषा लेल खतरनाक सिद्ध होयत, तैँ अखण्ड सनातनी सिद्धान्त अनुसार एहि भाषाकेँ सुरक्षित आ संवर्धित रखबाक लेल 'स्वयंसेवा आ स्वसंरक्षण'क सिद्धान्त मात्र कारगर होयत।
     दोसर सत्र मे देश-विदेश सँ पधारल कविक सहभागिता संग मुदा समयक चाप मे कवि-गोष्ठी केर आयोजन कैल गेल छल। एहि सत्रक अध्यक्षता सहरसा सँ आयल मैथिली कवि शिरोमणि अरविन्द मिश्र निरज कएलनि आ हुनकहि सुपुत्री मैथिलीक सुप्रसिद्ध युवा-पीढीक कवियित्री श्वाती साकम्भरीक सुन्दर सनक प्रस्तुतिक संग शुरु भेल छल। सभ कविक सहभागिता करेबाक प्रयास करितो दरभंगा, सहरसा, काठमांडु आ राँचीक वरिष्ठ कवि लोकनिक प्रस्तुति नहि करायल जा सकल। युवा पीढी लेल खास प्राथमिकता देबाक आ सब केँ समेटबाक सिद्धान्त पर आयोजित एहि कार्यक्रम मे बेसी रास सहभागिता युवा-युवती केँ देल गेल। दरभंगा सँ आयल सुप्रसिद्ध हास्य कवि जय प्रकाश जनक द्वारा करीब ४ महत्त्वपूर्ण प्रस्तुति दैत उपस्थित दर्शक केँ बेर-बेर हँसबाक लेल मजबूर कैल गेल। ताहि समय कार्यक्रमक विशिष्ट अतिथि भारतीय राजदूतावासक विराटनगर कैम्प अफिसकेर प्रमुख श्री पी के चालिया कार्यक्रम मे उपस्थित भऽ चुकल छलाह, ओहो जनकक कविता सुनि भरपुर आनन्द उठौलनि। तहिना बहुभाषिक कवि-गोष्ठी सेहो नाममात्र लेल कैल जा सकल, जाहि मे एक नेपाली भाषाक कविता अनेको सम्मान सँ सम्मानित विभूति श्री सुमन पोखरेल द्वारा आ तहिना उर्दूक मशहूर शायर अलानीन मियाँ बेचैन केर गजल आ शेरो-शायरी उर्दू मे प्रस्तुत कैल गेल छल। भागलपुर आ पटना विश्वविद्यालयक संग मिथिला विश्वविद्यालय सँ शोधार्थी छात्र लोकनिक नीक उपस्थिति एहि सत्र मे देखल जा सकल। मिथिलाक वर्तमान समाजिक अवस्था आ इतिहासगानक अतिरिक्त क्रान्तिक आवाज सँ भरल रहल ई सत्र आ खास बात यैह जे अधिकतम उपस्थित कवि लोकनि केँ समेटल जा सकल छल।
      पुन: तेसर सत्र मे मैथिली गजलक सुन्दर प्रस्तुति संग कार्यक्रमक प्रमुख अतिथि आ प्रसिद्ध गीतकार सियाराम झा सरस द्वारा कैल गेल छल। हिनक अतिरिक्त पवन नारायण, सुनील पवन, दिया चौधरी, प्रीति झा, धीरेन्द्र प्रेमर्षि, सुभाषचन्द्र झा, देवांशी चौधरी, भावना चौधरी, अम्बिका चौधरी तथा प्रवीण नारायण चौधरी द्वारा विभिन्न स्वादक मैथिली गीत प्रस्तुत कैल गेल। अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली कवि सम्मेलन-२०१५ द्वारा घोषित सम्मान पत्र सहरसा मे पत्रकारिता करैत मैथिली भाषा ओ मिथिला संस्कृति प्रति समर्पित योगदान करनिहार कन्हैयाजी, कुमार आशीष आ सुभाषचंद्र झा केँ भारतीय राजदूतावास अधिकारी श्री पी के चालियाक हाथ सँ सम्मान देल गेल। एहि कार्यक्रम मे सहभागी लोकनि केँ प्रशस्ति पत्र प्रदान कैल गेल। एहि कार्यक्रमक मध्य मे मैथिली जिन्दाबाद डट कम - समाचार पोर्टलक उद्घाटन कैल गेल छल। तहिना मिथिला डायरेक्ट्री २०१५ केर विमोचन मंचासीन अतिथि लोकनि द्वारा कैल गेल छल। संगहि काञ्चीनाथ झा किरणकेँ समर्पित मिथिलाक्षर किरण फोन्ट्स केर विमोचन मैथिली फाउन्डेशनक संस्थापक कौशल कुमारक उपस्थिति मे रमेश रंजन व धीरेन्द्र प्रेमर्षि द्वारा कैल गेल छल।
        दिल्ली सँ विशिष्ट अतिथि अमरनाथ झा, संजीव सिन्हा, विमलजी मिश्र, अखिलेश मिश्र, सुनील पवन - कानपुर सँ विशिष्ट अतिथि मिथिलाँचल महासभाक संस्थापक श्री रविनाथ मिश्र, अध्यक्ष अमित झा आ प्रवक्ता अनिल झा, सहरसा सँ शिक्षाविद् अभिमन्यु खाँ, समाजसेवी सुमन समाज, अभियानी अमित आनन्द, कुन्दन मिश्र, दिलीप कुमार चौधरी, आदि, सुपौल सँ विशिष्ट अतिथि तथा मैथिली कविता-कथा-नाटक केर सर्वविदित स्रष्टा अरविन्द कुमार ठाकुर, मधुबनी सँ सदरे आलम गौहर, दीपनारायण विद्यार्थी, दरभंगा सँ डा. मंजर सुलेमान, उदय शंकर मिश्र, राम कुमार, चन्द्रेश, परवा, बुढाभाइ आदि, पुर्णिया सँ गिरिन्द्रनाथ, चिन्मय ना. सिंह, अररिया सँ सुधीरनाथ मिश्र, कोलकाता सँ कवि-कथाकार-अभियानी उमाकान्त झा बक्शी आ अखिल भारतीय मिथिला पार्टीक महासचिव रत्नेश्वर झा, काठमांडु सँ आयोजनक प्रेरक-संरक्षक धीरेन्द्र प्रेमर्षि, लहान सँ अर्जुन प्रसाद गुप्ता 'दर्दीला', प्रिन्स कृष्णा सिंह, नारायण मधुशाला, राजविराज सँ कवियित्री साधना झा, विद्यानन्द बेदर्दी, निराजन झा, केशव कर्ण आ प्रा. अमरकान्त झा, जनकपुर सँ प्रेम नारायण झा, विराटनगर सँ वसुन्धरा झा आ अन्य कतेको गणमान्यक उपस्थिति रहल छल। तहिना विदेश सँ अनलाइन बिन्देश्वर ठाकुर, अब्दुल रज्जाक, अशरफ राइन, बेचन महतो, भोगेन्द्र राज साह 'विराज', मनोज साण्डिल्य आदिक उपस्थिति आ प्रस्तुति देल गेल छल। एहि कार्यक्रम केँ लाखों इन्टरनेट यूजर मैथिल घरे बैसल आनन्द लैत रहला आ फेसबुक द्वारा स्वस्फूर्त फोटो आ समाचार शेयर करबाक लाइन लागल रहल।
            कार्यक्रमक समीक्षात्मक प्रस्तुति मे प्रमुख अतिथि सियाराम झा सरस तथा रमेश रंजन द्वय कहलनि जे कवि सम्मेलन मे प्रस्तोताक संख्या छाइनकय समावेश कैल जेबाक चाही, आ समस्त नव-पीढीक कवि-स्रष्टा लोकनि हेतु प्रशिक्षण-कार्यक्रमक संचालन सेहो हेबाक चाही। लेकिन उत्साहित युवाक हर डेग केँ हम बुजुर्ग पीढी प्रोत्साहित करैत कमी-कमजोरी केँ दूर करबाक लेल मार्गदर्शक केर भूमिका निर्वाह करी। कार्यक्रम मे नेपाली भाषाक प्राज्ञ दधिराज सुवेदी मैथिली भाषा एकमात्र संयुक्त आधार नेपाल आ भारत बीच रहबाक बात कहलनि। तहिना करुणा झा, स्वागताध्यक्ष अपन छोट स्वागत मन्तव्य मे दहेज मुक्त मिथिला नित्य छोट-छोट डेग उठबैत आबि रहबाक भावना रखैत आगन्तुक अतिथि लोकनिक भव्यापूर्ण स्वागत केलनि। कार्यक्रमक संचालन किसलय कृष्ण ओ कार्यक्रम संयोजक प्रवीण नारायण चौधरी संयुक्त रूपे केलनि। बेसी सँ बेसी वक्ता-कवि आदिक सहभागिता करबितो कतेको नामी-गिरामी आ आवश्यक प्रस्तुति छूटि जेबाक त्रुटि सेहो भेल, जेकरा भविष्य मे क्रमश: सुधारोन्मुख बनेबाक बात आयोजक दहेज मुक्त मिथिलाक समस्त सदस्य स्वीकार केलनि
विराटनगर, 
प्रवीण नारायण चौधरी

मंगलवार, 3 मार्च 2015

दहेज मुक्त मिथिलाक चारि वर्ष पूरा: ३ मार्च - २०१५

दहेज मुक्त मिथिलाक चारि वर्ष पूरा: ३ मार्च - २०१५

फेसबुक सँ शुरु कैल अभियान, धरातल पर उतरि बढेलक मिथिलाक शान, कहियो हिन्दुस्तानक फ्रंट पेज पर लिखेलक अपन नाम आ देलक एकटा नवज्योतिक किरणक आभान - आइ पूरा केलक यात्राक चारिम वर्ष आ लऽ रहल अछि पुन: नव संकल्प। 
चारिम वर्ष मे पूरा कैल गेल:
*स्मारिका केर प्रकाशन
*मैथिली महायात्रा केर प्रारंभ
*मुंबई मिथिला महोत्सव
सौराठ मे विमोचित 'दहेज मुक्त मिथिला' केर स्मारिका राजविराज, सहरसा, कोलकाता, कानपुर, दिल्ली, जमशेदपुर - सब ठाम अलग-अलग विमोचन आ आवश्यक अभियान-प्रचार-प्रसार आ आम अपील जे 'माँगरूपी दहेज नहिये ली - नहिये दी, बरु समान रूप सँ शिक्षा दियबैत बेटा आ बेटी सबकेँ आत्मनिर्भर बनाबी। मैथिल लेल एकमात्र आसरा विद्याधनं-सर्वधनंप्रधानम् केर सूत्र अपनाबी।' कहैत अभियान भारत व नेपालक चहुँदिशि अपन आवाज बुलंद कयलक।
    मैथिली महायात्राक शुभारंभ साईंधाम, दिल्ली सँ कैल गेल जेकर मूल उद्देश्य मिथिलाक बिखरल मोती (विभिन्न गणनीय व्यक्तित्व) केर परिचय समेटैत डायरेक्ट्रीक प्रकाशन करब अछि। अही मार्च केर आखिर तक प्रथम भाग डायरेक्ट्रीक प्रकाशन कैल जयबाक अछि। एखन धरि यात्रा दिल्ली, कोलकाता, राजविराज, सहरसा, कानपुर आ जमशेदपुर मे कैल गेल अछि। एकर अतिरिक्त जानकारी आरो-आरो ठाम सँ इमेल द्वारा प्राप्त भऽ रहल अछि। उपलब्ध तथ्यांक मुताबिक प्रथम भाग डायरेक्ट्री बहुत जल्दिये सबहक सोझाँ रहत।
  मुंबई - दहेज मुक्त मिथिला द्वारा भव्य 'मिथिला महोत्सव' - केर आयोजन कैल गेल। विभिन्न दहेज मुक्त विवाह कयनिहार केँ सम्मानित कैल गेल। दहेजक प्रकोप सँ जरि रहल समाजक विभिन्न रूप पर मिथिलाक अनेको प्रसिद्ध गायक एवं कलाकार द्वारा स्वैच्छिक प्रस्तुति देल गेल छल। संगहि विभिन्न गणमान्य नेतृत्वकर्ता आ विद्वान् तथा साहित्यकार लोकनि द्वारा एहि दिशा मे चिन्तन कैल गेल छल जे कोना हमरा लोकनि मिथिलाक बिगड़ैत स्वरूप केँ पुन: गरिमामय बना सकब।
      विदित हो जे 'दहेज मुक्त मिथिला' अपन प्रतिनिधित्व लगभग समस्त महत्त्वपूर्ण कार्यक्रम मे करैत आबि रहल अछि आ स्वैच्छिक-स्वयंसेवा सँ मिथिलाक सेवा मे लागल एहि संस्थाक सदस्य सब धन्यवादक पात्र छथि।
      पाँचम वर्ष लेल 'शिकायत केन्द्र' केर स्थापनाक लक्ष्य लेल जा रहल अछि। जेकर लक्ष्य अछि: कोनो पीड़ित पक्ष बिना कोनो प्रकारक पूर्वाग्रह रखने - बिना कोनो सेल्फ-फेब्रिकेटेड स्टोरी (मनगढंत कहानी) बनेने विवाह पूर्व 'माँगल गेल दहेज'क आ कथा-वार्ता कोना शुरुआत केलहुँ, कोन स्तरक वरक इच्छा/माँग अहाँक छल, के मध्यस्थकर्ता छलाह, कथा-वार्ता मिलेबाक लेल कि सब शर्त राखल गेल, पैसा-कौड़ी या गर-गहना आ वर-वरियातीक स्वागतार्थ तथा बियाह-विदाई लेल खर्च करबाक लेल माँग कि सब कैल गेल, अहाँक स्वेच्छापूर्ण खर्च सँ बेसी कि सब जबरदस्ती लादबाक कूचेष्टा भेल, आदि समस्त व्योरा उपलब्ध कराउ, दहेज मुक्त मिथिला समुचित मध्यस्थकर्ताक भूमिका निर्वाह कय सकैत अछि।
      एहि संस्थाक सदस्यता लेल सब कियो स्वतंत्र छी। अपन-अपन इलाका मे एहि अभियान केर प्रचार-प्रसार एकमात्र कार्यक्रमक क्रियान्वयन अछि।
     एहि संस्थाक आधिकारिक फेसबुक ग्रुप-पेज एहि लिंक पर अछि, कृपया सदस्यता ग्रहण करी एहि ठाम ज्वाइन करैत:

संपर्क लेल: इमेल पठाबी - dmmithila@yahoo.com
सधन्यवाद,
प्रवीण नारायण चौधरी
अन्तर्राष्ट्रीय संयोजक
दहेज मुक्त मिथिला।

गुरुवार, 25 दिसंबर 2014

मिथिला महोत्सव - २०१४

मिथिला महोत्सव - २०१४
दहेज़ मुक्त  मिथिला  के  सानिध्य में  - 28  दिसम्बर - 2014  के  देहिसर  मुंबई में   मिथिला  मोहोसव के  आयोजन  होबय जा रहल  अच्छी ,  जाहि  में  अपनेक समस्त परिवार के  उपस्थिति  अनिवार्य  अच्छी  ,  दहेज़  खास क मिथिला  में एकटा  बहुत  पैघ समस्या अच्छी , जाहि  के  निवारण  हेतु , दहेज़ मुक्त मिथिला  परिवार  अपन  कर्तव्  के  पालन  करैत  बेर - बेर  देल्ही  आ   मुंबईटा  नै पूरा विस्व  में  दहेज़ समस्या के  खत्म  कराय  में  लागल  अच्छी , चाहे  नेपाल  सन  करुणा  झा  होयत या प्रवीण जी   आई  तक  अपन  कर्तवय  सं  पाछू  नै हैट पोलैथि  ,  ओहे जिम्बारी के  पालन  करैक  लेल  दहेज़ मुक्त  मिथिला  अध्यक्ष , पंकज झा (मुम्बई ) आ संरक्ष   पंडित  श्री  धर्मनद  झा  , संजय मिश्र  इतियादी  अनेको  भी  सहयोगी शामिल  छैथि , हुनक  अभिलाषा  कइ  पूरा  करैक  लेल  अपनेक  सहयोग  अनिवार्य  अच्छी  । 

याद रखाब - 28 दिसम्बर - २०१४  रवि  दिन 
जय मैथिल जय  मिथिला 

सोमवार, 15 सितंबर 2014

मिथिला - मैथिलीक मौलिक अधिकारक रक्षाक लेल शुभारम्भ कलश यात्रा , दहेज़ मुक्त मिथिलाक अगुवाई में देल्ही सं

मिथिला - मैथिलीक  मौलिक अधिकारक  रक्षाक लेल  शुभारम्भ  कलश यात्रा ,  दहेज़ मुक्त मिथिलाक  अगुवाई में  देल्ही  सं
Pravin Narayan Choudhary- 
हम एक बेर फेर समस्त दिल्लीवासी गंभीर एवं प्रतिबद्ध मिथिला-मैथिली प्रेमीजन केँ हार्दिक धन्यवाद देबय चाहब जे अपने लोकनिक सहयोग सँ एतेक भव्यता संग काल्हिक कार्यक्रम संपन्न भेल। एक तऽ मानव ताहू पर सँ अनेको तरहक भौतिक भोग-व्यसन सँ रोगग्रस्त कमजोर मानसिकताक शिकार हम प्रवीण एवं समस्त आयोजन पक्ष कतेको प्रकारक त्रुटिपूर्ण प्रस्तुति केने होयब, ताहि सब लेल अपने लोकनि क्षमा करब। किछु महत्त्वपूर्ण घोषणा सब करबाक छल, किछु अभियानक जानकारी सब देबाक छल, लेकिन कार्यक्रम अपन गति मे चलि देबाक कारणे हमरा वश मे किछु नहि रहि सकल। तैँ बेर-बेर मात्र क्षमायाचना टा करब। जे किछु त्रुटि भेलैक ताहि लेल आगाँ आरो सुन्दरता संग सुधार अनैत दिन-ब-दिन बेहतरी केर दिशा मे हम सब बढब से विश्वास बढि गेल।
आयोजन पक्षक मित्र लोकनि!
    
      अहाँ सबहक ऋण सँ ऊऋण हम कहियो नहि भऽ सकब। अमरनाथजी केर निरंतर सहयोग, डिजाइनिंग सहित कार्यक्रम लेल अत्यन्त महत्त्वपूर्ण मानल जायवला सामरिक सहयोग एवं प्रखरता-ओजस्वी संचालन करैत पुन: समीक्षा तक अपनेक संग अविस्मरणीय रहल। संजीव भाइ द्वारा बौद्धिक-वैचारिक आ अतिथिक सूची निर्धारण करैत 'कमल संदेश' केर कार्यालय पर्यन्त संयोजन हेतु उपलब्ध करेनाय - ओह शब्द नहि अछि जे हम धन्यवाद कय सकी। बस, आह्लादित हृदय सँ हमर स्नेह स्वीकार करब। कौशलजी केर सह-संयोजन मानू जेना प्रवीणक दोसराइत बनि सब बागडोर सम्हारलैन, आ केहन हमर स्मृति जे अहाँक अभियान पर जे चर्चा करेबाक छल वैह मनमस्तिष्क सँ बाहर चलि गेल। लेकिन याद राखब, जगज्जननी मैथिली केर कृपा, हम अहाँक हरेक सपना केँ साकार करबाक लेल आइये आ एखनहि सँ प्रण करैत छी। किछु समय देल जाउ। पहिने सँ दिमाग मे जे सब रहल से सब शालीनतापूर्वक संपन्न भेल आ आब मिथिलाक्षर फोन्ट विकास मे यथाशीघ्र निश्चित प्रगति आनि सकब, से गछैत छी। दिसम्बर २०१४ धरि ई कार्य पूरा करबायब, अहाँ निश्चिन्त रहू। हमर 'दि बेस्ट एफोर्ट्स' एहि विन्दु पर आगामी समस्त कार्यक्रम - भ्रमण, अभियान मे ई योजना शामिल रहत। आइ प्रामिस यू! प्रकाश भाइ, मैलोरंग - अहाँक सृजनशील आ क्रान्तिकारी योजना निर्माण हमर मनक बात करैत प्रमुख अतिथिक चुनाव सुझाव मे सहयोग केलक - सहभागिता हेतु अपनेक हर प्रयास नमन योग्य भेल।
फेसबुक केँ धन्यवाद - जे भाइ नरेन्द्र मिश्र संग भेट करौने छल। भाइ अपन संस्थान 'साईंधाम' केर दर्शन करबैत गछने छलाह जे कहियो अहाँ सब मिथिला लेल एतहु अभियान संचालित करू। ओ जहिना एतेक बात कहलैन, तहिये सँ दिमाग मे चलि रहल छल। सब मित्रवर्गकेँ कहने रही जे मिथिला-मैथिली प्रति अगाध सिनेह रखनिहार नरेन्द्र भाइजी केँ हम सब जोडिकय स्वयंसेवा सँ अपन मातृभूमि-मातृभाषा सहित संस्कृति-साहित्य-समाज लेल आगू बढब। ठीक तहिना भगवतीक कृपा सँ एहि बेर संभव भेल। भाइकेँ एक बेर फोन करिते सांगोपाँग तैयार आ तत्पर रहैत सहयोग देबाक वचन देलनि। काल्हि कार्यक्रम मे हुनक स्वैच्छिक योगदान सँ कार्यक्रम स्थल, साज-सज्जा, अतिथि-सत्कार (जलपान सहित) सहयोग लेल पूरा कार्यालय एवं साईंधाम केर अधिकारीवर्ग केँ तैयार अवस्था मे उपलब्ध करौलनि। साईंधाम केँ हृदय सँ धन्यवाद आ आभार प्रकट करैत नरेन्द्र भाइजीक एतेक पैघ सहयोग प्रति बेर-बेर नमन करय चाहब।
कम समय मे सोचल एहि कार्यक्रम एकमात्र महादेव केर प्रेरणा सँ साक्षात् जगज्जननी मिथिला धिया सिया एवं गौरीक कृपा सँ संभव भेल। किछु भाइ लोकनि नहि आबि पेला। शेफालिका माय आ निवेदिता बहिन केर अनुपस्थिति बड कचोटलक। लेकिन आदित्य भूषण मिश्र संग हुनक एक मित्र स्वयं सियारूप मे आबि कार्यक्रमरूपी शिव केँ शव होमय सँ बचबैत स्वयं पूर्ण कार्यक्रम अवधि भरि लेल शक्तिस्वरूपा अन्नपूर्णा बनि विराजमान रहली आ मैथिली नहि बुझितो ओ आनन्दमग्न होइत अपनो एक प्रस्तुति हिन्दी मे पूर्ण मर्मसँ भरल प्रस्तुत केलीह। कविश्रेष्ठ मैथिलक कमी नहि रहल। मनीष झा बौआभाइ, आदित्य भाइ, नितेश कर्ण, किशन कारीगर, जगदानन्द झा मनु भाइ... रामानाथ बाबु, विमल बाबु, विजय काका, विजय जेट भाइ, संजय नागदह भाइ... मस्त वातावरण मे मैथिली जिन्दाबाद - मिथिला जिन्दाबाद होइत रहल। बिजली गूल भेलाक बाद कवि लोकनिक उत्साह एहेन चरम पर छल जे मोमबत्तीक रौशनी मे सेहो कविता वाचन चलैत रहल। अन्त मे बिजली केँ फेर आबय पडलैन।
     
अक्षय बाबु केर आलेख लेल देल समय - बहुत कमे समय मे दिन-राति एक करैत समस्त संवैधानिक सन्दर्भ पर प्रकाश दैत हम मिथिलावासीक मौलिक अधिकार पर प्रकाश देबाक एक अत्यन्त महत्त्वपूर्ण आलेखक प्रस्तुति ऐतिहासिक भेल। एहि विषय पर गंभीर कार्य करैत जाहि तरहें सुझाव देल गेल से मनन एवं अनुकरण योग्य अछि। डा. देवशंकर नवीन - हमरा लोकनिक मार्गदर्शक - हिनक प्रमुख आतिथ्य कार्यक्रम लेल पूर्ण चन्द्रमाक शीतल - निश्छल चाँदनीक समान छल। ऋतेशजी एवं शिशिर बाबु संग नीलमाधव चौधरी सर केर सरस प्रोत्साहित करयवला उपस्थिति आ राखल गेल आलेख पर टिप्पणी सारगर्भित छल। नाउ एण्ड देन - मिथिला मेन - दहेज मुक्त मिथिलाक प्रथम संरक्षक महोदय कृपानन्द सर केर अध्यक्षता कार्यक्रम केर पूर्णता हेतु मोहर लगेबाक काज केलक। तहिना परम आदरणीय वरिष्ठ विकासवादी अभियानी आ हमरा लोकनिकेँ सदिखन आशीर्वाद सँ प्रेरित करनिहार अखिल भारतीय मिथिला संघ केर अध्यक्ष श्री विजय चन्द्र झा केर उपस्थिति मिथिलाक भीष्म पितामह समान छल। ऋषि मलंगिया भाइ केर सहयोगी - प्रेरक वचन सँ डेग-डेग उठबैत मात्र ४ दिन मे कार्यक्रम केँ सफलता संग संपन्न कैल जा सकल। नीरज पाठक, रामचन्द्रजी, हेमन्त भाइ, प्रसुन प्रशान्त, मिहिर बाबु - हम कतेक नाम गनाउ।
दिल्ली मे आब बुझाइते नहि अछि जे अपन निजी गाम नहि हो। अहाँ सबहक उर्जा सँ हमर उर्जा हजारो गुना बढि गेल अछि। सुनील पवन जी द्वारा कलश यात्राक प्रथम चरण लेल जोश-भरल मदैद - विश्वास राखू, अहाँक हर सपना पूरा होयत आ मिथिला-मैथिली लेल ई देन कदापि कियो बिसरि नहि सकत।

गुरुवार, 11 सितंबर 2014

मैथिली महायात्रा शुभारंभोत्सव २०१४

हकार:-------------------

मैथिली महायात्रा शुभारंभोत्सव २०१४

समय: ४ बजे सायं काल स' 
 
दिनांक: १३ सितम्बर २०१४ (शनि दिन)

स्थान: साईं धाम, प्रसाद नगर (टैंक रोड पार्किंग)

राजेंद्र प्लेस मेट्रो स्टेशन के समीप, नई दिल्ली 
 
दूरभाष: ०११ - २५७५०५३१ / ३२
 आयोजक:  -

     दहेज़ मुक्त मिथिला नेपाल एवम् भारत संयुक्त , कृपया ध्यान 
देब जे 'मैथिली भाषासेवी' - चाहे साहित्य, समाज, संस्कृति, कला,
 रंगकर्म, लेखनी, पत्रकारिता, शिक्षण, प्रशिक्षण, कोनो क्षेत्र मे जुडल 
लोक एहि कार्यक्रम मे अनिवार्यरूप सँ भाग लेब।

  सीमित सहभागिता संग संचालित एहि कार्यक्रम मे भाग लेनिहार
 अपन नाम, नंबर पहिने जरुर पोस्ट/मैसेज करी। संगहि, जे कियो अपन
  प्रस्तुति देबाक लेल इच्छुक होइ ओ अपन आलेख, विचार, कविता,
कथा, पहिने सँ पोस्ट करी

गुरुवार, 19 जून 2014

DAHEJ MUKT MITHILA - SMARIKA -2014

स्मारिका विमोचन समारोह संपन्न- 
   महादेव केर असीम अनुकम्पा सँ 'दहेज मुक्त मिथिला - स्मारिका २०१४केर विमोचन समारोह भव्यतापूर्वक सम्पन्न भेल। प्रमुख अतिथि मिथिला-मैथिली केर सर्वश्रेष्ठ पुरोधा सम्माननीय डा. बैद्यनाथ चौधरी बैजु द्वारा स्मारिकाकेर विमोचन कैल गेल। 
समय सँ शुरु भेल कार्यक्रम केर अध्यक्षता संस्थाक संरक्षक पं. धर्मानन्द झा द्वारा कैल गेल आ तहिना सौराठ सभागाछी मे संरक्षक डा. शेखर चन्द्र मिश्र द्वारा स्वागत संबोधन कैल गेल। संस्थाक राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री पंकज झा स्वयं मंच संचालन केलैन। संस्थाक महाराष्ट्र अध्यक्ष दहेज मुक्त मिथिला अभियान पर प्रकाश दैत भविष्य योजना केँ सभामे प्रस्तुत कयलनि। सुप्रसिद्ध गायक श्री पवन नारायण द्वारा गोसाउनि गीत सँ प्रारम्भ भेल सभा केर बीच-बीच मे मिथिला-महिमा-गान सहित किसलय कृष्ण द्वारा अस्मिता-बोध जागृति हेतु कविता पाठ कैल गेल। 
संस्थाक उद्देश्य प्रति पूर्ण समर्पण आ १०८ टा दहेज मुक्त विवाह करेबाक संकल्पित व्यक्तित्व पत्रकार श्री राजेश मिश्र द्वारा दहेज मुक्त मिथिला केर अभियान संचालन तथा ओहि सऽ प्रेरणा लेबाक बात सभा मे राखल गेल। संगहि ओ आह्वान करैत कहलनि जे कलमजीवी पत्रकार पर बड पैघ जिम्मा होइत छैकओ सब चाहता तऽ कूरीति जरुर भागत। बस हिम्मत करैत दहेजखोर सबहक विरोध करैत कानून-प्रशासन केँ संविधान अनुसार चलबाक लेल बाध्य केनाय छैक। 
समारोह मे विशेष उपस्थिति भारतीय काँग्रेस केर वरिष्ठ नेतृत्वकर्ता श्री ज्योति रमण झामधुबनी जिला परिषद् केर उपाध्यक्ष श्री भरत भूषणजिला पार्षद श्री सिंह जीसाहित्यकार श्री सदरे आलममैथिली दर्पण केर संपादक श्री कृष्ण कुमार झा 'अन्वेषक', मिथिला राज्य निर्माण सेनाक राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री श्याम सुन्दर झाकान्तिपुर दैनिक नेपाल केर विशेष संवाददाता तथा अतिथि श्री अवधेश झाउज्यालो दैनिक नेपाल केर विशेष सहयोगी संवाददाता व अतिथि श्री जितेन्द्र ठाकुरदहेज मुक्त मिथिला अभियान केर प्रथमहि दिन सँ सहयोग कयनिहार भास्कर झा (नेपाल)महाराष्ट्र दमुमिसँ आयल श्री सुभाष मिश्रश्री राजेश रायश्री सुबोध ठाकुरदिल्ली सँ कौशल कुमारसाहित्यकार कवि पंकज सत्यम्बिठौली सँ सुभाष रायजटाशंकर राययुवा मैथिल अभियानी अंकित राय सहित विभिन्न हस्ती लोकनि एहि समारोह मे भाग लेला। स्थानीय वक्ता-विद्वान केर सेहो सहभागिता नीक रहल। देल्ही सं  मदन कुमार ठाकुर  जी  सेहो बहुत शारारिक योगदान  देला , सुरुवात सं  जे  लागला फोटो खिचाय आ वीडियो  रिकॉर्ड  कराइ  में पूर्ण रूपे अपन  कर्तब्य निभेला | ,

  
  संपूर्ण कार्यक्रम मे एकमात्र निष्कर्ष 'सौराठ घोषणापत्रकेर निर्माण करय लेल सहायक भेल जे: 
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संपूर्ण मिथिला सँ एहि कूरीति केँ भगेबाक लेल जागृतिमूलक कार्य साविककाल सँ होइत रहल वैवाहिक सभास्थली पर एहि संस्था द्वारा क्रमश: आयोजन करैत गाम-गाम मे निगरानी समिति बनाओल जाय। दहेज मुक्त विवाह करनिहार केँ स्मारिका तथा विभिन्न मिडिया द्वारा यशगान करैत प्रोत्साहन कैल जाय। जेना सिया केर विवाह लेल शिवधनुष भंग करयवला दूलहा वरण करबाक कठोर संकल्प छलकिछु तहिना आजुक मैथिल ललना धिया सिया लेल सेहो 'बिन माँगरूपी दहेजक दूलहावरण करबाक संकल्प लेल जाय। शिक्षा व सुविधा बेटा तथा बेटी केँ एकसमान देल जाय। आपसी सहयोग बढबैत मिथिला समाज केँ परिष्कृत बनेबा मे दमुमि केर अभियान प्रति समर्पित सहयोग देल जाय।"
अध्यक्षीय भाषण मे पं. धर्मानन्द झा द्वारा अभियानक उत्कर्ष तथा एकर लाभ बारे निजी अनुभव केर बखानक संग सौराठ सभा स्थित माधवेश्वरनाथ महादेव मन्दिरक जीर्णोद्धार लेल सदिखन तैयार रहबाक बात कहल गेल। तदोपरान्त प्रवीण केर धिया-गान तथा पुन: पवन नारायण केर समदाउनि सँ कार्यक्रम केर समापन कैल गेल। 

        स्मारिकामे एहि बेर मूलत: आलेखमूलक संग्रहक संग ३ वर्ष यात्रा वृतान्त तथा भविष्य केर योजनाकेँ समेटल गेल अछि। बहुत कमहि समय मे प्रतिकूल परिस्थिति रहितो स्मारिका प्रकाशन केर कारण वैयाकरणिक अशुद्धि टाइपिंग-एरर सँ छूटि गेल अछि। बहुतो परिवारक विवरण अन्तिम समय मे समुचित फाइल मे प्राप्त नहि होयबाक कारणे एहि बेरुक स्मारिका मे स्थान देब छूटि गेलऐगला अंक मे वा एकर पुन:संस्करण मे सेहो समेटल जा सकैत अछि। मनवचन आ कर्म सँ एकता रखैत संकल्पित अभियानी बनि दहेज मुक्त मिथिला द्वारा आइ धरिक समस्त आयोजन कैल गेल अछि। समस्त सहयोगी प्रति आभार प्रकट करैत हम प्रधान संपादक प्रवीण सबकेँ फेर सँ धन्यवाद ज्ञापन करैत छी। आशा करैत छी जे भविष्य मे एहि तरहक ऐतिहासिक कार्य आरो भव्यता संग कैल जायत।
जय मैथिल जय मिथिला जय  जय दहेज़ मुक्त परिवार





























































































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