(एकमात्र संकल्‍प ध्‍यान मे-मिथिला राज्‍य हो संविधान मे) अप्पन गाम घरक ढंग ,अप्पन रहन - सहन के संग,अप्पन गाम घर में अपनेक सब के स्वागत अछि!अपन गाम -अपन घर अप्पन ज्ञान आ अप्पन संस्कारक सँग किछु कहबाक एकटा छोटछिन प्रयास अछि! हरेक मिथिला वाशी ईहा कहैत अछि... छी मैथिल मिथिला करे शंतान, जत्य रही ओ छी मिथिले धाम, याद रखु बस अप्पन गाम ,अप्पन मान " जय मैथिल जय मिथिला धाम" "स्वर्ग सं सुन्दर अपन गाम" E-mail: madankumarthakur@gmail.com mo-9312460150

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शुक्रवार, 22 अगस्त 2014

हे मातृभूमि मिथिला शत- शत नमन

हे मातृभूमि मिथिला
शत- शत नमन ,
हे  मिथिला,
शत- शत नमन 
चाही  नै ऊटी ,
नै चाही हमरा शिमला,
अन्तर्द्वन्द के जाल में,
फँसल अछि अपन मिथिला, 
आब नै सहू यौ मैथिल, 
स्वाभिमान पर अछि हमला,
शान्त होऊ हे कोशी, 
शान्त होऊ हे कमला,
माँ जानकी के धाम छी मिथिला 
मंडन - अयाची के  गाम  छी मिथिला ,
हे  मिथिला,
शत- शत नमन-----
Ramanath Jha