(एकमात्र संकल्‍प ध्‍यान मे-मिथिला राज्‍य हो संविधान मे) अप्पन गाम घरक ढंग ,अप्पन रहन - सहन के संग,अप्पन गाम घर में अपनेक सब के स्वागत अछि!अपन गाम -अपन घर अप्पन ज्ञान आ अप्पन संस्कारक सँग किछु कहबाक एकटा छोटछिन प्रयास अछि! हरेक मिथिला वाशी ईहा कहैत अछि... छी मैथिल मिथिला करे शंतान, जत्य रही ओ छी मिथिले धाम, याद रखु बस अप्पन गाम ,अप्पन मान " जय मैथिल जय मिथिला धाम" "स्वर्ग सं सुन्दर अपन गाम" E-mail: madankumarthakur@gmail.com mo-9312460150

गुरुवार, 7 मार्च 2019

jara aap bhi jane




अनिल अम्बानी का राहुल गाँधी पर जबरदस्त प्रहार ।
   एक दो कोड़ी का आदमी जिन के खानदान ने हमेशा देश को लूटा है वह हर चुनावी सभा में मुझे बदनाम करता है,
मैं आज उस से कुछ सवाल करता हूँ, उम्मीद है मीडिया उस से पुछेगी ।
( 1) मैं ओर मेरा परिवार भारत देश को हर साल करीब 50000/- करोड़ का टेक्स देते हैं । लाखों लोगों को रोजगार, लाखों परिवार को गुजारा करने के लिये तनख्वाह देते हैं ।
गांधी परिवार इस देश को कितने रुपये का योगदान देता है ????
मैंने सुना है पुरा परिवार टेक्स चोरी करने के केस में कोर्ट से जमानत पर छूटा हुआ है और देश के अरबों रुपये लूट कर आपकी माँ दुनिया का चौथी सबसे अमीर महिला बन गयी है, क्या बिजनेस है आपके परिवार का, ज़रा देश की जनता को बता दीजिये, कहाँ से आया इतना पैसा आपकी माँ के पास, ज़रा ये बताइये ।।।
( 2 ) हम बैंको से लोन पीछले 40 वर्षों से लेते हैं और करोड़ों रुपये का ब्याज भी देते हैं, ओर हमारे जैसे हर उद्योगपति, व्यापारी और बिजनेसमेन लोन लेते हैं और गारंटी भी देते हैं ।
तभी बैंक गरीबों को FD पर ब्याज देते हैं ।
तुम बताओ तुम्हारे जैसे नेताओ और तुम्हारे जीजा जी ने बैंको से मुफ्त (बिना ब्याज) लोन क्यूँ ले रखा है ??? क्या बिजनेस है ??? किस देश में बिजनेस चलता है ??
कितनी मलकियत किस किस देश में ले रखी है ?
( 3 ) तुम्हारे जीजा जी ने 15 साल पहले 1 लाख रुपये से कौन सा बिजनेस शुरू किया था, वो कैसे 10 साल में 10,000 करोड़ की सम्पत्ति का मालिक बन गया, कहाँ से आया उसके पास इतना पैसा और इतनी ज़मीनें ? लन्दन में 2 बंगले और 6 फ्लैट लेने का पैसा आपके जीजा जी के पास कहाँ से आया ???
मेरे प्यारे देशवासियों
मुझे जब से पता चला ये परिवार विदेशी एजेंट है ये पार्टी देशद्रोही का समर्थन करती है मैंने काँग्रेस को जबर्दस्ती का चंदा देना बंद कर दिया है तब से ये मेरे पीछे पड़े हैं मुझे बदनाम कर रहे हैं ।
वर्ना आप बताइये मुझे 5000 करोड़ की दिल्ली की एयरपोर्ट मेट्रो और मुझे मुम्बई मेट्रो का 3900 करोड़ का ठेका मनमोहन सरकार में मिला तब सरकारी कंपनी को क्यूँ नहीं दिया था ???
दिल्ली में (पहले DESU) DVB का बिजली सप्लाई का ठेका जो 1200 करोड़ का था वो NTPC ( सरकारी कंपनी ) की जगह मुझे सोनिया गांधी के कहने पर शीला दीक्षित ने दिया था ।।।
   2004 से 2014 के बीच UP के 3, ओडिसा, तमिलनाडु, कर्नाटक, पंजाब के कुल 8 नेशनल हाईवे और प्रोजेक्ट (25350 करोड़) मेरी कंपनी रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर को काँग्रेस सरकार ने क्यूँ दिया ??
जबकि कई सरकारी कंपनी है जो ये काम कर सकती थी ???
"ये कुछ सच्चाई है जो जनता को नहीं पता ।"
कृप्या कॉपी पेस्ट और शेयर और फॉरवर्ड करके पूरे देश को इस सच्चाई की जानकारी दीजियेगा - अनिल अंबानी
धन्यवाद ।।
🙏​🙏​

शनिवार, 2 मार्च 2019

एटीएम कार्ड पर मिलता है 10 लाख रुपए का बीमा !

ने हमारे जीवन को सरल बना दिया है। अब चौबीस घंटे आप कहीं भी आसानी से रुपए निकाल सकते हैं। एक क्लिक से आसानी से आप कहीं भी रुपए निकाल सकते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि एटीएम का लाभ सिर्फ रुपए निकालने में नहीं बल्कि इससे कई और सुविधाएं मिलती हैं। 
कई लोगों को एटीएम कार्ड की अन्य सुविधाओं की जानकारी नहीं रहती है। चाहे वह सार्वजनिक बैंक का हो या फिर प्राइवेट बैंक का हो, कार्ड जारी होने की तिथि से ही उसका दुर्घटना या फिर एक्सीडेंटल हास्पिटीलाइजेशन कवर होता है। इस बीमा की दर 50 हजार से लेकर 10 लाख तक हो सकती है। इस नियम की जानकारी न तो खाताधारक होती है और न बैंकें इस नियम का प्रचार करती हैं। इस नियम का फायदा उठाने के लिए खाते का सक्रिय होना आवश्यक है। 

से बीमा का लाभ उठाने के लिए आवश्यक नियमों की जानकारी भी होनी चाहिए। दुर्घटना होने के तुरंत बाद पुलिस को सूचित करें। पुलिस को दुर्घटना की पूरी तरह से जानकारी दें। अस्पताल में भर्ती होने पर सभी मेडिकल रिपोर्ट पेश करनी पड़ती है। 
अगर मृत्यु हो तो : अगर दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट, पुलिस पंचनामा, मृत्यु प्रमाण पत्र, वैध ड्राइविंग लाइसेंस जमा कराना आवश्यक होता है। यह भी सूचित करना आवश्यक होता है कि कार्डधारक द्वारा पिछले 90 दिनों में लेन-देन किया गया है। 
लेन-देन की सीमा : अधिकतर निजी और सार्वजनिक बैंकें से पांच लेन-देन के बाद चार्ज करती है, लेकिन कुछ बैंकों ने एटीएम से लेन-देन की कोई सीमा नहीं होती है और वे अपने होम एटीएम पर अनलिमिटेड ट्रांजेक्शन की सुविधा देती है। जैसे सार्वजिनक बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ग्राहकों को एटीएम से अनलिमिटेड ट्रांजेक्शन की सुविधा प्रदान करता है लेकिन इसके लिए आवश्यक है कि खाताधारक का न्यूनतम बैलेंस 25000 रुपए हो। इस तरह कई निजी क्षेत्र की बैंकें भी यह सुविधा प्रदान करती हैं।

गुरुवार, 31 जनवरी 2019

समस्त भाई- बंधू एवम माता बहिन , जे दिल्ली एनसीआर में निवास करैत छी सबगोटेक सादर आमंत्रित छी |

                                       
                                                
            |                                        
                                         विद्यापति गौरव मंच   
के तत्वधान  में  विद्यापति नगर  जलपुरा  ग्रेटर   नोएडा  में स्थित संस्था  अच्छी ,  माँ सरस्वति के  दुतीय  पूजा एही बेर भरहल  अछि | अहि  शुभमंगल दिन बाबा विद्यापति जी के मूर्ति ,  केंद्रीय  मंत्री  डॉ  महेश शर्मा जी के कर कमलो द्वारा अनावरण  सेहो  कायल जायत ,  अहि  शुभ  अवसर के उपलक्ष्य  में ,  संस्कृतक  कार्य क्रम  आ  सांध्य  भजन -कीर्तन  के सेहो आयोजन  अच्छी , जाहि में  अपनेक  उपस्थित  अनिवार्य अछि  |    माँ सरस्वति जी के पूजा के प्रसाद  ग्रहण करी  आ  आशिर्वाद प्राप्त करि , 
    धन्यवाद || 

                                            



शुक्रवार, 11 जनवरी 2019


                          || तिलासंक्रान्ति ||
                      " भरल चगेंरी मुरही चुरा "
                                       

उठ - उठ बौआ रै निनियाँ तोर ।
अजुका   पाबनि   भोरे   भोर ।।
पहिने  जेकियो   नहयबे  आई ।
        भेटतौ तिलबा रे मुरही लाइ ।।  उठ....

ई पावनि छी मिथिलाक पावनि
सब  पावनि   सं   बड़का  छी ।
भरल     चगेंरी      मुरही     चुरा
तिलवा   लाई   उपरका   छी ।।

उपर  देहिया  थर - थर  काँपय
        भीतर मनुआँ भेल विभोर ।।  उठ....

   चहल पहल भरि मिथिला आँगन
 अइ पावनि के  अजब मिठाई ।
आई   देत   जे   जतेक   डुब्बी
 भेटतै   ततेक   तिलबा  लाई ।।

मुन्ना   देखि  भरय   किलकारी
            जहिना वन में कोइलिक शोर ।।  उठ...

बुढ़िया   दादी   बजा   पुरोहित
छपुआ साडी   कयलक दान ।
तील चाऊर बाँटथि मिथिलानी
    एहि पावनि केर अतेक विधान ।।

     "रमण" खिचड़ी केर चारि यार संग
              परसि रहल माँ पहिर पटोर ।।  उठ......

  गीतकार
     रेवती रमण झा "रमण"
   

  


मंगलवार, 9 अक्टूबर 2018

जय माता रानी -- आमंत्रण कार्ड

जय माता रानी  -- आमंत्रण कार्ड - 2018





सोमवार, 1 अक्टूबर 2018

शुक्रवार, 28 सितंबर 2018

रमण दोहावली

                         || रमण दोहावली ||
                                      


    1. तिनका - तिनका लाय के , जोरि लियो संसार ।
        "रमण" एकहि तूफ़ान में , डूब गयो मझधार ।।

    2. वो  चाहे  तो सब  करे , "रमण" मनोरथ  नहि ।
       मृत्यु जनम के जाल में , जीव सकल भव - माहि ।।

    3. नाही  हर्ता  कोउ  कर्ता ,  नाही  भोग  अभोग ।
        रे मनुआँ जिद नाहि कर , विधि का सब संयोग ।।

    4. झरेतो   पत्ता  देख  के  ,  झरे   जगत  के  नैंन ।
      जब बसन्त ऋतु आइहे , "रमण" मिले सुख चैन ।।

    5. मूरख  को  समझात  है , ज्ञानी  घर - घर जाय ।
       "रमण"  वारी  अब  तेरी , तुझे कौन समझाय ।।

    6. ज्ञान  करम  से  होत  है , करम  से  हो  अज्ञान ।
        मानुष ऐसा करम कर , "रमण" मिले भगवान ।।

    7. जाके  मन  मंदिर  भया  ,  हृदय  ज्ञान  आगार ।
         काबा काशी छारि के , "रमण" सुगम दरवार ।।

     8. दिनहि  गवाँयो  कपट  में , रात  गवाँयो  सोय ।
       धरम साँस एक नहि दियो , "रमण" तू काहे रोय ।।

     9. पंडित   फेरे   डाल   दी , जीमै   सकल   बरात ।
        दिल  दरिया  तूफ़ान  में  ,  गई  सुहागन  रात ।।

                                   रचनाकार
                          रेवती रमण झा "रमण"
                          mob - 9997313751
                                         

                                        

बुधवार, 4 जुलाई 2018

मिथिला क्रान्ति सन्देश - रेवती रमण झा "रमण"

                || मिथिला क्रान्ति सन्देश ||
                                       
  घायल     नहिं     खाली    भाषा 
  पौरुषे    भेल    अछि    घायल ।
 क्रान्ति - वाहिनी  कफन बान्हि
  ललकार   दैत   अछि  आयल ।
       पराधीनहि   जे    रहि  कS   जीबैए  
   भाषा   अनके  जे  सब  दिन  बजैए
  ओ अइ रखने अपन वियर्थ जीवन
    द्वारि  अनकर  जे  सबदिन  निपैए
                                  पराधीनहि जे.......
 मातृ-स्नेहके  जे  बिसरि  गेल  अइ
    अपन अधिकारर्सँ जे ससरि गेल अइ
    ओकर  कुकुरो  सं  वत्तर  छै जीवन
  सतत्   अनकर   जे   तीमन  चटैए
                                   पराधीनहि जे.......
 की  भरोसे करू  संग कक्कर  देतै
   जे ने मायक भेलै ओकि अनकर हेतै
          सुधा-सरिता बिसरि कS अपन मैथिलीक
   घोरि    माहुर    जे    अपने    पिबेए
                                       पराधीनहि जे.......
        चुप मिथिला के वासी कियक भेल छी
        मातृ भाषा कि  अप्पन बिसरि गेल छी
        दुष्ट  देलक  दखल   यौ  अहाँक  घरमे
        गीत      देखू     विजय    केर     गवैए
                                    पराधीनहि जे.......
       ताकू एम्हरो,ककर आँखि नोरे भरल
       एक  अवला बेचारी  बिपति में पड़ल
        "रमण" देखू अतय लाख संतति जकर
        चुप    करै    लै    ने   एक्को    अबैए
  पराधीनहि   जे  रहि   कS  जीबैए
   भाषा अनकर  जे सब  दिन  बजैए

रचनाकार
        रेवती रमण झा "रमण"  
MO -9997313751   
       


            

बुधवार, 27 जून 2018

मिथिला मैथिलि के एकटा और उपलब्धि-

मिथिला मैथिलि  के एकटा और  उपलब्धि-


मंगलवार, 26 जून 2018

कृषी गीत - रेवती रमण झा " रमण "


     || कृषी गीत ||
                                      


              हर वरद सं नाता जोरू ढेला फोरु यौ
          नोकरिक आशा तोरु यौ ।।

              सगर रत्न सं राजित वसुधा
              सबटा       पूर्ति        करैया
                             बसुधा मैया सब दुःख हरती
                                          हिनका कोरू यौ ,, नोकरिक......

             कतवो आनक करब चाकरी
             जीवन       रहत        गुलाम
                             अपन स्वतन्त्रे माटिक पूजा
                                       प्रेम सं करु यौ ,, नोकरिक........

             नव-नव धान गहूँम मकैयक
             आब     सींस      लहरायल
                              बनि   कय   आब   किसान
                                              माँटि सं रत्न बटोरू यौ ,, नोकरिक..


            "रमण" सुमन मिलि अन्नसं भरतै
              कोठी        आओर        बखारी
                              पहिरब    गहना    साड़ी
                                       एमहर   मनमा  मोरु  यौ
                                                 नोकरिक आसा तोरु यौ


                                      गीतकार

                          रेवती रमण झा " रमण "
                                          


      

गुरुवार, 21 जून 2018

मिथिकला केर थि इहय दलान - रेवती रमण झा " रमण "

                                                   

   कहाँ     गेलौ     यौ     बैसु    बाउ ।
    लिय    तमाकुल    तेजगर    खाउ ।।
   पढ़ि लिखि करब छीलब की घास ।
    विदाउट  इंग्लिश  परमोटेड  पास ।।

   धरु      अपन     पुस्तैनी      पेना ।
     पूर्व    पितामह    कैलनि     जेना ।।
    करू     घूर     करसी     सुनगाउ ।
     खटरस     चुटकी    बात    बनाउ ।।

    इंजीनियर   भेल  कते  कनै  छथि ।
     झामगुरि     सब    दिन   गनैछथि ।।
   पढ़ि लिखि करत कहु की क कय ।
     घरक   कैंचा    अपन     द    कय ।।

    होउ   दियौ   चुटकी   सरिया  कय ।
    फुरत   बात   तखन  फरिया  कय ।।
    तेजगर    पात    तमाकुल    मगही ।
     चुनबैत   लागत  खन-खन   बगही ।।

    सेकू    हाथ    दुनू    सरिया    कय ।
     लीय   तमाकुल  चून   मिला   कय ।।
    नोकर     चाकर   अनकर   नोकरी ।
      तै    सं   अपन    उठायब    टोकरी ।।

    ओ    कि   माइक    जनमल    बेटा ।
      हम    की    माइक   उपजल    टेटा ।।
     उपजायब    खायब    घर     चोकर ।
      कलम   वला   के    राखब   नोकर ।।

     सब   सं   बुद्धिक    बुद्धू   हम   ही ।
     मोछक     उठल     हमरो     पम्ही ।।
     हम  की   माउग   थिकौं   अग्यानि ।
      अनकर    बात   लेबै   हम    मानि ।।

     होउ    तरहथ    दय   दीयौ   चाटी ।
      अंग्रेजिया       छोरु        परिपाटी ।।
     उरत   चून    नहि    काटत    ठोरो ।
     कि, धरफर  करू  गिनै  छी  कोरे ।।

    पान  करू  रस  चुसि - चूसि  कय ।
     मिथ्या   नै  छी  कहैत  फूसि  कय ।।
     खोलू     पानबटा      परसू     पान ।
      ई   मिथिला   केर    थिक   दलान ।।

रचयिता
रेवती रमण झा " रमण "




गुरुवार, 7 जून 2018